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Shani Dev Ki Puja Ki Vidhi | शनिदेव की पूजा विधि

Shani Dev Ki Puja Ki | शनिदेव की पूजा विधि

Shani Dev Ki Puja Ki Vidhi | शनिदेव की पूजा विधि
Shani Dev Ki Puja Ki Vidhi | शनिदेव की पूजा विधि

 सभी कष्टों के निवारण भगवान Shani Dev Ki Puja Ki Vidhi | शनिदेव की पूजा विधि तथा शनिदेव की पूजा सामग्री से संबंधित जानकारी जानिए हमारे इस लेख में।

Shani Dev Ki Puja Ki Vidhi | शनिदेव की पूजा विधि
  • भगवान शनिदेव की पूजा-अर्चना करने के लिए सूर्योदय से पूर्व तथा सूर्य अस्त के बाद का समय शुभ माना जाता है इसलिए इस दौरान ही भगवान शनिदेव की पूजा करनी चाहिए।
  • शनिदेव की पूजा शुरू करने के लिए सबसे पहले एक तस्वीर लेना चाहिए और इस तस्वीर को वटवृक्ष के नीचे रखना चाहिए इसके बाद में भगवान शनिदेव की तस्वीर के ऊपर सरसों का तेल अर्पित करना चाहिए तथा बाद में शनिदेव को काला कपड़ा भेंट करना चाहिए।
  • शनिदेव को काला कपड़ा भेंट करने के बाद में शनि देव की तस्वीर पर चंदन का तिलक करना चाहिए लेकिन ध्यान रहे कभी भी भगवान शनि देव को सिंदूर का तिलक नहीं करना चाहिए और शनिदेव की पूजा कभी भी घर में नहीं करनी चाहिए।
  • भगवान शनि देव को चंदन का तिलक लगाने के बाद में उनकी तस्वीर के सामने सरसों के तेल में दीपक प्रज्वलित करना चाहिए। इसके अतिरिक्त आप चार मुखी दीपक भी भगवान शनिदेव के समक्ष प्रज्वलित कर सकते हैं।
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  • दीपक प्रज्वलित करने के बाद में भगवान शनि देव को साबूत उड़द चढ़ाना चाहिए और शनिदेव की पूजा के दौरान साबूत उड़द खदान करना भी अति उत्तम माना जाता है।
  • शनि देव को उड़द चढ़ाने के बाद में इनकी तस्वीर के सामने काले तिल चढ़ाने चाहिए और हो सके तो थोड़े काले तिल शनिदेव के सामने प्रज्वलित दीपक के अंदर भी डाल दे।
  • तथा भगवान शनिदेव को गुड़ और खिचड़ी का भोग लगाना चाहिए लेकिन ध्यान रहे शनि देव को भोग लगाने वाली खिचड़ी उड़द और चावल दोनों को मिश्रित करके बनानी चाहिए।
  • शनिदेव को भोग लगाने के पश्चात कोई भी लोहे की वस्तु दान करनी चाहिए जैसे कि लोहे की कील , लोहे का तवा , लोहे के बर्तन इत्यादि।
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  • भगवान शनिदेव की पूजा के दौरान उनको नीले या काले रंग के फूल चढ़ाने चाहिए क्योंकि भगवान शनिदेव को यह रंग अत्यंत ही प्रिय होते हैं।
  • शनिदेव को फूल चढ़ाने के बाद में एक लोहे के लोटे में शुद्ध जल भरकर शनिदेव की तस्वीर के सामने रखना चाहिए।
  • इन सब के बाद में अंत में शनि चालीसा पढ़नी चाहिए और भगवान शनि देव की आरती करनी चाहिए तथा शनि देव की परिक्रमा करनी चाहिए। और इस तरह होती है शनिदेव की पूजा विधि संपन्न।
शनिदेव की पूजा सामग्री

भगवान शनिदेव की पूजा सामग्री निम्नानुसार है-

भगवान शनिदेव की पूजा करने के लिए उनकी विशेष पूजा सामग्री होती है जिसमें गुड , साबुत उड़द , काले तिल , काला कपड़ा , नीली तथा काली फूल , भगवान शनिदेव की तस्वीर , लोहे के बर्तन , सफेद कपड़ा इत्यादि प्रमुख है।

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शनिदेव की पूजा किस दिन करनी चाहिए ?

भगवान शनिदेव की पूजा शनिवार के दिन करना उत्तम होता है लेकिन यदि भगवान शनिदेव की पूजा-अर्चना शनि जयंती के दिन की जाती है तो इसे सर्वोत्तम माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो जातक शनि जयंती के दिन भगवान शनि देव की आराधना करते हैं उनकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

शनिदेव की पूजा कब नहीं करनी चाहिए ?

भगवान शनिदेव की पूजा कभी भी दिन के समय में नहीं करनी चाहिए यानी कि जब सूर्योदय का समय होता है तब कभी भी भगवान शनिदेव की पूजा करना उचित नहीं होता है। भगवान शनिदेव की पूजा हमेशा या तो सूर्य उदय से पूर्व या फिर सूर्य अस्त के बाद में करनी चाहिए।

शनिदेव की पूजा किस दिन नहीं करनी चाहिए ?

शनिदेव की पूजा भूलवश भी मंगलवार के दिन नहीं करनी चाहिए इस दिन को शनि देव की पूजा करने वाले जातकों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है।

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