फाल्गुन महीने का महत्व तथा फाल्गुन महीने में क्या करना चाहिए

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फाल्गुन महीने का महत्व तथा फाल्गुन महीने में क्या करना चाहिए

फाल्गुन महीने का महत्व तथा फाल्गुन महीने में क्या करना चाहिए और फाल्गुन महीने में क्या नहीं करना चाहिए तथा फाल्गुन महीने में किस की आराधना करनी चाहिए ?

फाल्गुन महीने का महत्व तथा फाल्गुन महीने में क्या करना चाहिए
फाल्गुन महीने का महत्व तथा फाल्गुन महीने में क्या करना चाहिए

फाल्गुन महीने का महत्व तथा फाल्गुन महीने में क्या करना चाहिए

हिंदू पंचांग में फाल्गुन मास के महीने को प्रकृति के श्रंगार का महीना भी कहा जाता है क्योंकि इस महीने में चारों ओर हरियाली ही हरियाली होती है मानो ऐसा लगता है कि प्रकृति ने अपना श्रंगार कर रखा हो। हिंदू कैलेंडर के अंतिम महीने को फाल्गुन के महीने के नाम से जाना जाता है इस महीने से ही बसंत ऋतु का आगमन भी माना जाता है।

फाल्गुन मास में दान पुण्य करने का विशेष महत्व होता है इस महीने में यदि कोई व्यक्ति किसी गरीब को वस्त्र तथा किसी असहाय को मदद करता है तो उस व्यक्ति के जीवन में उन्नति होती है।

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार फाल्गुन के महीने में भगवान शिव तथा भगवान कृष्ण के बाल रूप की पूजा करने का विशेष महत्व होता है जो भी जातक इस महीने में भगवान कृष्ण और भगवान शिव के बाल रूप की पूजा करता है उस जातक की सभी मनोकामनाएं इस मास में पूर्ण होती है।

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फाल्गुन के महीने को खुशियों का और उल्लास ओं का महीना माना जाता है। क्योंकि फाल्गुन के महीने में रंगों का त्योहार होली और भगवान शिव का प्रिय त्यौहार महाशिवरात्रि आता है। फाल्गुन की पूर्णिमा को होली का त्यौहार मनाया जाता है जबकि फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी के दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।

प्राचीन कथाओं के आधार पर ऐसा कहा जाता है कि फाल्गुन के महीने में ही भगवान चंद्रमा तथा माता सीता का जन्म हुआ था इसलिए जिस भी जातक की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है ऐसे जातक को फाल्गुन मास में चंद्रमा की आराधना करनी चाहिए ऐसा करने से उसकी सारी समस्याएं खत्म होती है।

फाल्गुन महीने का महत्व तथा फाल्गुन महीने में क्या करना चाहिए

फाल्गुन के महीने में ठंडे पानी से नहाने का प्रण लेना चाहिए और इस महीने में फलों का सेवन अधिक करना चाहिए। तथा इस माह में भगवान कृष्ण और भगवान शिव की बाल रूप की पूजा करनी चाहिए और इस दौरान फूलों का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार फाल्गुन का महीना ऐसा महीना होता है जिसमें व्यक्ति को जीवन में परिवर्तन शुरू कर देनी चाहिए इस महीने से ही व्यक्ति को रात्रि में जल्दी सोना चाहिए और सुबह जल्दी उठने का नियम बनाना चाहिए।

फाल्गुन के महीने में गर्म पानी से नहीं नहाना चाहिए तथा फाल्गुन मास में रात्रि के समय भोजन नहीं करना चाहिए इस महीने में भोजन संदेश से पूर्व ही करना चाहिए और यदि रात्रि के समय कोई जातक भोजन करता है तो उसको भोजन में अनाज का कम से कम उपयोग करना चाहिए।

फाल्गुन के महीने में किसी भी प्रकार का कोई पाप नहीं करना चाहिए तथा इस महीने में जीव हत्या भी नहीं करनी चाहिए यदि कोई जातक ऐसा करता है तो पुरानी कथाओं के आधार पर ऐसा कहा जाता है कि उस जातक को मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती है।

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फाल्गुन के महीने में प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस पवित्र मास में प्याज का सेवन करना वर्जित होता है इसलिए इस महीने में प्याज का सेवन कम से कम करना चाहिए अन्यथा करना ही नहीं चाहिए।

फाल्गुन का महीना हिंदू पंचांग का अंतिम महीना होता है इसलिए इस महीने के अंतिम दिन को अपने पूर्वजों की पूजा करने का विशेष महत्व होता है तथा जिस दिन अपने पितरों की पूजा भी करनी चाहिए।

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