उदयपुर के प्रसिद्ध मंदिर, Temple of Rajasthan
आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे उदयपुर के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में। झीलों की नगरी के नाम से राजस्थान के सुप्रसिद्ध शहर उदयपुर के प्रमुख तथा प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में आज हम आपको इस लेख में बताने जा रहे हैं।
उदयपुर के प्रसिद्ध मंदिर-
एकलिंग जी का मंदिर- उदयपुर
सास-बहू का मंदिर- उदयपुर
जगदीश मंदिर- उदयपुर
गुप्तेश्वर मंदिर- उदयपुर
जावर का विष्णु मंदिर- उदयपुर
स्कंद कार्तिकेय मंदिर- उदयपुर
सोमेश्वर महादेव मंदिर- उदयपुर
अंबिका देवी का मंदिर- उदयपुर

उदयपुर जिले के प्रसिद्ध मंदिरों का संपूर्ण विवरण-
1. एकलिंग जी का मंदिर- ये मंदिर कैलाशपुरी (उदयपुर) में स्थित है इस मंदिर का निर्माण बप्पा रावल ने आठवीं सदी में करवाया था तथा इस मंदिर के परकोटे का निर्माण राणा मोकल ने करवाया था। एकलिंग जी को मेवाड़ के राजाओं का कुल देवता माना जाता है तथा मेवाड़ के महाराणा स्वयं को एकलिंग जी का दीवान मानते हैं। ये मंदिर लकुशील/पाशूपत संप्रदाय की प्रधान पीठ है।
2. सास-बहू का मंदिर- ये भव्य मंदिर उदयपुर के नागदा में स्थित है। भगवान विष्णु को समर्पित इस मंदिर में नारी सौंदर्य का चित्रण दर्शनीय हैं। इस मंदिर का निर्माण महामारी शैली में हुआ है। इसे सहस्त्रबाहु का मंदिर भी कहा जाता है।
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3. जगदीश मंदिर– राज्य के उदयपुर जिले में स्थित इस मंदिर का निर्माण महाराजा जगत सिंह प्रथम ने 16 51 ईसवी में करवाया था। यह मंदिर पिछोला झील के किनारे पर बना है तथा इसे सपने से बना मंदिर भी कहा जाता है। इस मंदिर के शिल्पकार अर्जुन भाषा मुकुंद थे। इस मंदिर में स्थापित गरुड़ की प्रतिमा विश्व की सर्वश्रेष्ठ प्रतिमा मानी जाती है।
4. गुप्तेश्वर मंदिर- उदयपुर जिले के तीतरडी़ एकलिंगपुरा में स्थित इस मंदिर को मेवाड़ का तथा गिरवा का अमरनाथ कहा जाता है । इस मंदिर का निर्माण छठी शताब्दी में हुआ था। इस मंदिर को उदयपुर जिले का सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है। ये एक ऊंची पहाड़ी पर बना मंदिर है।
5. जावर का विष्णु मंदिर- उदयपुर जिले में पंचायतन शैली में बने इस मंदिर का निर्माण महाराणा कुंभा की पुत्री रमाबाई ने करवाया था तथा इस मंदिर का नींव का पत्थर शिल्पी सूत्रधार ईश्वर ने रखा था। महाराणा कुंभा की पुत्री रमाबाई को वागीश्वरी के नाम से भी जाना जाता है।
6.स्कंद कार्तिकेय मंदिर- ये मंदिर उदयपुर जिले के तनसेर नामक स्थान पर स्थित है। ये भव्य तथा सुसज्जित मंदिर भगवान गणेश के भाई कार्तिकेय को समर्पित है। कार्तिकेय भगवान शिव के ही पुत्र हैं।
7. सोमेश्वर महादेव मंदिर- ये मंदिर उदयपुर शहर के मध्य बना है। इस मंदिर में बना शिवलिंग आकर्षण का केंद्र है। इस शिवलिंग पर सदैव जलधारा गिरती रहती है तथा शिवलिंग के ऊपर एक सोने से बना नाग का प्रतीक चिन्ह दर्शनीय है।
8. अंबिका देवी का मंदिर-उदयपुर जिले में स्थित इस मंदिर को मेवाड़ का खजुराहो कहा जाता है तथा राजस्थान का मिनी खजुराहो भिंड देवरा को कहा जाता है। इस मंदिर में नृत्य करते हुए गणेश जी की प्रतिमा स्थापित है। ये संपूर्ण राजस्थान का एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसमें नृत्य करते हुए गणेश जी की प्रतिमा स्थापित है।


