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किस ग्रह से कौन सा रोग होता है | kis grah se kaun sa rog hota hai

किस ग्रह से कौन सा रोग होता है | kis grah se kaun sa rog hota hai

इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि किस ग्रह से कौन सा रोग होता है | kis grah se kaun sa rog hota hai , सूर्य कमजोर होने से कौन सा रोग होता है , चंद्र कमजोर होने से कौन सा रोग होता है , मंगल के कमजोर होने से कौन सा रोग होता है ? से संबंधित विस्तृत जानकारी।

किस ग्रह से कौन सा रोग होता है | kis grah se kaun sa rog hota hai
किस ग्रह से कौन सा रोग होता है | kis grah se kaun sa rog hota hai
किस ग्रह से कौन सा रोग होता है | kis grah se kaun sa rog hota hai

सूर्य- इस ग्रह के कमजोर होने से व्यक्ति के आंखों में दर्द होने लगता है तथा साथ ही व्यक्ति के दांत व सिर में भी दर्द होता है। इसके निवारण के लिए भगवान सूर्य को जल अर्पण करना चाहिए।

मंगल- जब किसी भी व्यक्ति का मंगल ग्रह कमजोर होता है तो उस व्यक्ति को रक्त से संबंधित अनेक बीमारियां उत्पन्न होने लगती है। इससे बचने के लिए मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की आराधना करनी चाहिए।

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बृहस्पति- इस ग्रह के कमजोर होने से व्यक्ति को पेट से संबंधित समस्याएं उत्पन्न होती है साथ ही पीलिया होने की संभावनाएं भी बढ़ती है और मोटापे की संभावना भी किस ग्रह के कमजोर होने के कारण होती है। इसके निवारण के लिए भगवान बृहस्पति की आराधना करनी चाहिए।

चंद्र- जिस भी व्यक्ति की राशि में यह ग्रह कमजोर होता है उस व्यक्ति को खांसी जुकाम तथा हदय से संबंधित रोग उत्पन्न होने लगते हैं। इसलिए इसके निवारण के लिए भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए।

बुध- जिस व्यक्ति की राशि में बुध ग्रह कमजोर होता है उस व्यक्ति को त्वचा से संबंधित रोग होने की संभावना होती है। अतः इसके निवारण के लिए भगवान बुद्ध की आराधना करनी चाहिए।

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शुक्र- जिस व्यक्ति की राशि में ग्रहों की दशा ठीक नहीं होती है तथा शुक्र कमजोर चलता है उस व्यक्ति को योन से संबंधित विकार उत्पन्न होने लगते हैं तथा ब्लड प्रेशर भी ऊपर नीचे होने लगता है। इसके निवारण के लिए शनिवार के दिन भगवान हनुमान की आराधना करनी चाहिए।

शनि- वास्तु शास्त्र के अनुसार जिस भी जातक की राशि में शनि ग्रह कमजोर होता है उसको किसी भी कार्य के अंदर सफलता नहीं मिलती है तथा शरीर की थकावट से संबंधित रोग और हमेशा चोट लगने का भय बना रहता है। इसके निवारण के लिए भगवान शनिदेव को सरसों का तेल अर्पण करना चाहिए।

राहु- जिस जातक की राशि में राहु ग्रह की दशा ठीक नहीं होती है उसको बवासीर तथा मस्तिक से संबंधित रोग उत्पन्न होने लगते हैं। इस के कमजोर होने व्यक्ति में पागलपन की वृद्धि भी होने लगती है। अतः इसके निवारण के लिए अच्छे ज्योतिषी से संपर्क करना चाहिए।

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केतु- केतु ग्रह की दशा यदि राशि में ठीक नहीं हो तो इसके कारण व्यक्ति को जोड़ों के दर्द से संबंधित रोग उत्पन्न होने लगते हैं। इसके निवारण के लिए ज्योतिष शास्त्र के उपायों को अपनाना चाहिए।

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