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कर्णवेध संस्कार शुभ मुहूर्त 2023 | Karnavedha Subh Muhurat

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कर्णवेध संस्कार शुभ मुहूर्त 2023 | Karnavedha Subh Muhurat

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कर्णवेध संस्कार शुभ मुहूर्त 2023 | Karnavedha Subh Muhurat
कर्णवेध संस्कार शुभ मुहूर्त 2023 | Karnavedha Subh Muhurat

कर्णवेध संस्कार हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है। यह संस्कार जब बच्चा 6 माह का हो जाता है तब किया जाता है। इस संस्कार के दौरान लड़के का दायां कान तथा लड़की का बायां कान पहले छेदा आ जाता है।

कर्णवेध संस्कार शुभ मुहूर्त 2023

कर्णवेध संस्कार का शुभ मुहूर्त चित्रा , श्रवण , अभिजीत, हस्त तथा स्वाति नक्षत्र के दौरान का समय होता है। इसके अतिरिक्त किसी भी माह की चौथी, नवमी, चतुर्दशी तथा अमावस्या तिथि को छोड़कर सभी तिथियों को कर्णवेध संस्कार का शुभ मुहूर्त होता है।

कर्णवेध संस्कार शुभ दिन

वास्तु शास्त्र के अनुसार इस संस्कार को संपन्न करने के लिए सोमवार बुधवार गुरुवार तथा शुक्रवार का दिन उत्तम रहता है। इस दिन कान छेदना वास्तु शास्त्र के अनुसार सर्वश्रेष्ठ होता है।

कर्णवेध संस्कार शुभ समय

कर्णवेध संस्कार करने का शुभ समय तब होता है जब बच्चा 6 महीने का हो जाता है। इस संस्कार को करने का शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त तथा प्रदोष काल के समय को माना गया है।

यह भी पढ़ें अन्नप्राशन संस्कार कैसे किया जाता है , अन्नप्राशन संस्कार क्या है

कर्णवेध संस्कार का महत्व

इस संस्कार का सनातन धर्म में विशेष महत्व है, ऐसी मान्यता है कि कर्णवेध संस्कार के पश्चात बच्चे के पेट से संबंधित कोई भी समस्या उत्पन्न नहीं होती है तथा यह संस्कार पूर्ण करने के बाद बच्चे की आंते तथा पाचन तंत्र ठीक प्रकार से कार्य करना शुरू करता है।

कर्णवेध संस्कार किस दिन नहीं करना चाहिए

वास्तु शास्त्र के अनुसार कर्णवेध संस्कार शनिवार, रविवार तथा मंगलवार के दिन नहीं करना चाहिए। दिन कर्णवेधना किसी भी दृष्टि से शुभ नहीं रहता है। इसके अतिरिक्त मकर सक्रांति के दिन तथा अप्रैल में दिसंबर के महीने में भी कर्णवेध संस्कार करना अशुभ होता है।

कर्णवेध संस्कार के बाद कान में कौन सा आभूषण पहने

इस संस्कार के संपन्न होने के बाद वास्तु शास्त्र के अनुसार लोंग, बाली तथा मुरकी आभूषण पहनना चाहिए। लेकिन इस संस्कार को संपन्न होने के बाद सोने के आभूषण पहनना सर्वोत्तम रहता है।

यह भी पढ़ें सीमन्तोन्नयन संस्कार क्या है ? सीमन्तोन्नयन संस्कार की विधि

Disclaimer: इस संस्कार से संबंधित यह जानकारी हमारे द्वारा विभिन्न वास्तुशास्त्र के तथ्यों से प्राप्त करके आपके साथ साझा की गई है यदि इसमें किसी भी प्रकार की कोई भी त्रुटि या खमी होती है तो इसके लिए Gaanvkhabar किसी भी प्रकार से जिम्मेदार नहीं होगा।

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