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विनायक चतुर्थी की पूजा विधि | Vinayak chaturthi Puja Vidhi

विनायक चतुर्थी की पूजा विधि | Vinayak chaturthi Puja Vidhi | Vinayak chaturthi pujan Vidhi

विनायक चतुर्थी की पूजा विधि | Vinayak chaturthi Puja Vidhi
विनायक चतुर्थी की पूजा विधि | Vinayak chaturthi Puja Vidhi

इस लेख में हम आपको बताएंगे भगवान गणेश की आराधना में मनाए जाने वाले पर्व विनायक चतुर्थी की पूजा विधि | Vinayak chaturthi Puja Vidhi तथा विनायक चतुर्थी पूजा सामग्री और विनायक चतुर्थी का महत्व।

विनायक चतुर्थी की पूजा विधि | Vinayak chaturthi Puja Vidhi
  • विनायक चतुर्थी की पूजा विनायक चतुर्थी के दिन ब्रह्म मुहूर्त के समय जल्दी उठकर स्नान इत्यादि से निवृत्त होकर करनी चाहिए।
  • पूजा करने के लिए पीतल, तांबे, चांदी अन्यथा मिट्टी की गणेश प्रतिमा को अपने समक्ष रखना चाहिए और लाल रंग के वस्त्र पूजा करने वाले व्यक्ति को तथा भगवान गणेश को भी धारण करवाने चाहिए।
  • इसके बाद भगवान गणेश की मूर्ति के ऊपर पुष्प अर्पित करने चाहिए तथा ओम गणपतए नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। इस मंत्र का जाप विनायक चतुर्थी के दिन 108 बार करना सर्वोत्तम होता है।
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  • विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की पूजा अर्चना करते समय उनकी मूर्ति के ऊपर सिंदूर चढ़ाना चाहिए और शेष सिंदूर का अपने माथे पर तिलक लगाना चाहिए।
  • विनायक चतुर्थी के दिन श्री गणेश की पूजा करते समय इनको 21 मोदकों का भोग लगाना चाहिए जिनमें से पांच मोदक ब्राह्मणों को दान कर देना चाहिए तथा पांच मोदक को श्री गणेश के चरणों में अर्पित करने चाहिए जबकि शेष बचे मोड को को बच्चों में बांट देना चाहिए।
  • विनायक चतुर्थी के दौरान भगवान गणेश जी की पूजा अर्चना करने के बाद में ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए और यदि आपकी इच्छा इस दिन उपवास करने की हो तो उपवास करना कि और सूर्यास्त के बाद अपना उपवास भगवान गणेश के समक्ष पूर्ण करना चाहिए।
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  • विनायक चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा अर्चना संपन्न करने के पश्चात गणेश नाशक मंत्र का जाप करना चाहिए तथा अंत में भगवान श्री गणेश की आरती करके अपनी मनोकामना श्री गणेश के समक्ष रखनी चाहिए।
  • विनायक चतुर्थी के दिन इस तरह भगवान गणेश की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है और भगवान गणेश के सभी भक्तों के जीवन में सुख समृद्धि का आगमन होता है।
  • विनायक चतुर्थी के दिन यदि कोई जातक भगवान गणेश के 108 नामों का जाप करता है तो उस जातक के सभी प्रकार के रोग दूर होते हैं तथा उसके जीवन में आ रही समस्त शारीरिक समस्याओं पर भी विराम लगता है।
  • इस दिन भगवान गणेश के 108 नामों का जाप करना वास्तुशास्त्र की दृष्टि से सर्वोत्तम होता है क्योंकि विनायक चतुर्थी के दिन ऐसा करने से श्री गणेश अपने भक्तों से शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

विनायक चतुर्थी पूजा सामग्री

विनायक चतुर्थी की पूजा सामग्री के अंतर्गत फूल, धूपबत्ती, सिंदूर, रोली, मोली तथा गणेश प्रतिमा इत्यादि आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त विनायक चतुर्थी की पूजा सामग्री के रूप में आप लाल रंग के वस्त्र स्वयं भी धारण कर सकते हैं और इन वस्तुओं का दान करना भी शुभ होता है।

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विनायक चतुर्थी का महत्व

हिंदू धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस दिन पूजा-अर्चना करने वाले तथा व्रत करने वाले जातकों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है और जो जातक संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं उनको भगवान गणेश के आशीर्वाद से संतान की प्राप्ति भी होती है।

तथा लंबे समय से जिन जातकों के विवाह में अड़चन उत्पन्न हो रही है वह जातक यदि विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा अर्चना करते हैं तो उनके जीवन में विवाह के योग भी जल्दी बनते हैं।

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