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निर्जला एकादशी पूजा विधि | Nirjala ekadashi Puja Vidhi

निर्जला एकादशी पूजा विधि | Nirjala ekadashi Puja Vidhi

निर्जला एकादशी पूजा विधि | Nirjala ekadashi Puja Vidhi
निर्जला एकादशी पूजा विधि | Nirjala ekadashi Puja Vidhi

जानिए निर्जला एकादशी पूजा विधि | Nirjala ekadashi Puja Vidhi तथा निर्जला एकादशी के दिन पानी कब पीना चाहिए ? और निर्जला एकादशी पर क्या नहीं खाना चाहिए ?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी का व्रत किया जाता है तथा इस दिन को संपूर्ण भारत में एक पर्व की भांति मनाया जाता है।

निर्जला एकादशी पूजा विधि | Nirjala ekadashi Puja Vidhi
  1. निर्जला एकादशी के दिन बिना पानी पिए व्रत रखना चाहिए और यदि आप ऐसा नहीं कर पाते हैं तो पानी पीने के स्थान पर फल इत्यादि का सेवन कर सकते हैं।
  2. निर्जला एकादशी के दिन प्रातः काल के समय ब्राह्मण को दान करना चाहिए तथा इस दिन एक पात्र के अंदर जल भरकर और उसको अच्छी तरह से ढक कर एक पात्र में चीनी डालकर ब्राह्मण को भेंट करनी चाहिए।
  3. एकादशी के व्रत के दौरान अपनी सास के पाव छूने चाहिए तथा बहन बेटियों को वस्त्र दान करने चाहिए ऐसा करना इस दिन अति उत्तम होता है।
  4. निर्जला एकादशी के दूसरे दिन ब्राह्मणों को तेल ,घी, हल्दी , तथा आटे का दान भगवान कृष्ण के मंदिर में करना चाहिए ऐसा करने से आपके सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।
  5. इन सब से निवृत होने के बाद में निर्जला एकादशी के दूसरे दिन व्रत खोलना चाहिए लेकिन इससे पहले भगवान कृष्ण के मंदिर से पवित्र गंगाजल लेकर उसे पीना चाहिए और इसके उपरांत भोजन करना चाहिए।
  6. तथा भोजन करने के बाद में भगवान कृष्ण का ध्यान करना चाहिए और उनको प्रणाम करते हुए अपनी समस्त मनोकामनाएं कृष्ण के समक्ष रखनी चाहिए। ऐसा करने से आपकी हर मनोकामना पूर्ण होगी।

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निर्जला एकादशी के दिन पानी कब पीना चाहिए ?

प्राचीन धार्मिक ग्रंथों तथा वास्तु शास्त्र के अनुसार निर्जला एकादशी के दिन पानी नहीं पीना चाहिए। लेकिन यदि कोई जातक बिना पानी पीये नहीं रह सकता है तो उस जातक को निर्जला एकादशी के दिन सूर्य उदय से पूर्व तथा सूर्य अस्त के बाद पानी पीना चाहिए।

निर्जला एकादशी पर क्या नहीं खाना चाहिए ?

निर्जला एकादशी पर किसी भी प्रकार का मांसाहारी भोजन नहीं खाना चाहिए तथा इस दिन आप जिस पात्र के अंदर भोजन करते हैं वो पात्र प्लास्टिक अथवा लोहे का नहीं होना चाहिए।

निर्जला एकादशी के दिन गुड़ तथा चावल नहीं खाने चाहिए क्योंकि कई धार्मिक ग्रंथों में इस दिन गुड़ तथा चावल खाना अशुभ माना जाता है।

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निर्जला एकादशी के दिन दूध पीना चाहिए या नहीं ?

निर्जला एकादशी के दिन दूध पीना चाहिए लेकिन शुद्ध दूध पीना चाहिए दूध के अंदर किसी भी प्रकार की कोई भी मिलावट नहीं होनी चाहिए यहां तक कि आप निर्जला एकादशी के दिन जिस दूध का सेवन करते हैं उस दूध में पानी भी मिला नहीं होना चाहिए।

यदि निर्जला एकादशी के दिन पानी मिला हुआ दूध पीते हैं तो आपका व्रत टूट जाता है क्योंकि निर्जला एकादशी का शाब्दिक अर्थ ही होता है कि बिना जल के की जाने वाली एकादशी।

निर्जला एकादशी का महत्व

सनातन धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व होता है इस दिन व्रत करने वाले जातकों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। निर्जला एकादशी का धार्मिक महत्व तो विशेष होता ही है लेकिन इस एकादशी का वैदिक महत्व भी महत्वपूर्ण होता है।

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निर्जला एकादशी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि क्योंकि इस दिन का व्रत करने वाला जातक दिन भर बिना पानी पीये पूर्ण निष्ठा के साथ ईश्वर की भक्ति में लीन हो जाता है।

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