नाग पंचमी कब और क्यों मनाई जाती है ?

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नाग पंचमी कब और क्यों मनाई जाती है ?

नाग पंचमी कब और क्यों मनाई जाती है ? तथा नाग पंचमी की पूजा विधि से संबंधित जानकारी।

नाग पंचमी कब और क्यों मनाई जाती है ?
नाग पंचमी कब और क्यों मनाई जाती है ?

नाग पंचमी कब और क्यों मनाई जाती है ?

प्रतिवर्ष नाग पंचमी का पर्व संपूर्ण भारत में हर्ष उल्लास के साथ श्रावण महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व भगवान कृष्ण के दौरान मां गंगा के अंदर निवास करने वाली कालिया नाग के दमन करने के कारण मनाया जाता है। इसलिए ही इस पर्व को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में मुख्य रूप से मनाया जाता है।

इस पर्व के दिन संपूर्ण भारत में ठंडा भोजन करने की परंपरा कई वर्षों से आज तक अनरवत चलती आ रही है। इस दिन नाग देवता और भगवान कृष्ण की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

नाग पंचमी की पूजा विधि

नाग पंचमी के दिन ठंडा भोजन खाया जाता है तथा एक पाटे पर रस्सी से 7 गांठ लगाकर सांप बनाकर रखना चाहिए। इस के बाद नाग की जल, कच्चे दूध, बाजरे के आटे में घी मिलाकर, मोट, बाजरा, रोली, चावल, ठंडी रोटी तथा दक्षिणा चढ़ानी चाहिए।

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इसके बाद में नाग पंचमी की कहानी सुननी चाहिए। और मोड तथा बाजरी को तथा दक्षिणा को अपनी सास के चरणों में लगा कर उसको अर्पित कर देना चाहिए। इस दिन अपनी बहन बेटियों को घर पर जरूर बुलाना चाहिए।

इस दिन बहन बेटी को कुछ भी दान अवश्य करना चाहिए ऐसा करने से नाग देवता तथा भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र ही पूरी करते हैं।

नाग पंचमी के बारे में धार्मिक ग्रंथों में भी जानकारी मिलती है इस दिन किसी भी नाग को मारना नहीं चाहिए इस दिन नाग को मारने से एक गाय को मारने के समान पाप लगता है।

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यदि नाग पंचमी के दिन आपको किसी नाग देवता के दर्शन होते हैं तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति नाग पंचमी के दिन नाग देवता के साक्षात दर्शन करता है तो उस व्यक्ति के जीवन के सभी दुख दूर होते हैं तथा उसके घर में लक्ष्मी का आगमन होता है।

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