Homeधार्मिकगणगौर कब और कैसे मनाई जाती है ?

गणगौर कब और कैसे मनाई जाती है ?

Published on

spot_img

गणगौर कब और कैसे मनाई जाती है ?

गणगौर कब और कैसे मनाई जाती है ? , गणगौर क्यों मनाई जाती है ? , गणगौर का महत्व , गणगौर मनाने की विधि , बिना ईसर की गणगौर कहां मनाई जाती है ?, बिना पार्वती की गणगौर कहां मनाई जाती है gangor kab aur kaise manae jaati hai, gangor kyon manae jaati hai , gangor ka mahatva , gangor manane ki vidhi , Bina ishwar ki gangor kahan manae jaati hai , Bina Parvati ki gangor kahan manae jaati hai ,

गणगौर कब और कैसे मनाई जाती है ?
गणगौर कब और कैसे मनाई जाती है ?

गणगौर कब और कैसे मनाई जाती है ?

गणगौर प्रतिवर्ष हिंदू माह की चित्र कृष्ण की नवमी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2023 में 16 मार्च गुरुवार के दिन गणगौर मनाई जाएगी। गणगौर भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा करके मनाई जाती है।

गणगौर क्यों मनाई जाती है ?

गणगौर चैत्र शुक्ल तृतीया के दिन भगवान शिव तथा माता पार्वती की आराधना करने के पर्व के रूप में मनाई जाती है।

गणगौर का महत्व

हिंदू धर्म में कुंवारी कन्याएं इच्छित वर की प्राप्ति हेतु तथा कुशल जीवन की कामना करने के लिए गणगौर का पर्व मनाती है। गणगौर का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।

गणगौर मनाने की विधि

16 बिंदिया लगा कर होलिका दहन की पेडि़यो से भगवान शिव तथा पार्वती को पुजकर गणगौर का त्योहार मनाया जाता है।

यह पढ़ें- होली कब है , होलिका दहन का मुहूर्त 2023

बिना ईसर की गणगौर कहां मनाई जाती है ?

बिना ईसर यानी की भगवान शिव के बिना गणगौर का पर्व राजस्थान के जैसलमेर जिले में मनाया जाता है।

बिना पार्वती की गणगौर कहां मनाई जाती है ?

बिना पार्वती की गणगौर यानी की माता पार्वती के बिना केवल शिव को ही पुजकर गणगौर का पर्व राजस्थान के बीकानेर जिले में मनाया जाता है।

गणगौर के अंतिम दिन को क्या कहा जाता है ?

गणगौर के अंतिम दिन को वोकावणी/बोकावणी कहा जाता है। वोकावणी राजस्थानी भाषा का एक शब्द है जिसका अर्थ गणगौर से संबंधित ही है।

यह पढ़ें- सोमवार का व्रत , सोमवार का व्रत कैसे करें

गणगौर का त्योहार कितने दिन मनाया जाता है ?

चैत्र शुक्ल तृतीया से लेकर 16 से 18 दिन तक गणगौर का त्योहार मनाया जाता है। इस त्यौहार के दौरान कुंवारी कन्या व्रत रखती है।

गणगौर के अंतिम दिन महिलाएं कौन सा नृत्य करती हैं ?

गणगौर का त्योहार राजस्थान के अंदर मुख्य रूप से मनाया जाता है इस त्यौहार के अंतिम दिन महिलाएं घूमर तथा घुड़ला नृत्य करती है।

Disclaimer: इस त्यौहार से संबंधित यह जानकारी हमारे द्वारा विभिन्न स्त्रोतों के माध्यम से प्राप्त करके लिखी गई है यदि इसमें किसी भी प्रकार की कोई भी त्रुटि होती है तो इसके लिए Gaanvkhabar जिम्मेदार नहीं हैं।

Latest articles

सपने में प्राइवेट पार्ट देखना (Sapne me private part dekhna)

सपने में प्राइवेट पार्ट देखना (Sapne me private part dekhna) सपने में प्राइवेट पार्ट...

बायतु विधानसभा सीट होगी खत्म, हरीश चौधरी को करनी होगी मेहनत

बायतु विधानसभा सीट होगी खत्म, हरीश चौधरी को करनी होगी मेहनत बाड़मेर जिले की बायतु...

बाड़मेर कांग्रेस में जाट वर्सेज गैर जाट राजनीति तेज

बाड़मेर कांग्रेस में जाट वर्सेज गैर जाट राजनीति तेज राजस्थान के बाड़मेर जिले की कांग्रेस...

बायतु से 2028 में कौन होगा विधायक ?

बायतु से 2028 में कौन होगा विधायक ? परिसीमन के बाद तीन बार कांग्रेस पार्टी...

More like this

सपने में प्राइवेट पार्ट देखना (Sapne me private part dekhna)

सपने में प्राइवेट पार्ट देखना (Sapne me private part dekhna) सपने में प्राइवेट पार्ट...

बायतु विधानसभा सीट होगी खत्म, हरीश चौधरी को करनी होगी मेहनत

बायतु विधानसभा सीट होगी खत्म, हरीश चौधरी को करनी होगी मेहनत बाड़मेर जिले की बायतु...

बाड़मेर कांग्रेस में जाट वर्सेज गैर जाट राजनीति तेज

बाड़मेर कांग्रेस में जाट वर्सेज गैर जाट राजनीति तेज राजस्थान के बाड़मेर जिले की कांग्रेस...