गणेश जन्मोत्सव किस दिन मनाया जाता है ?
गणेश जन्मोत्सव किस दिन मनाया जाता है ? तथा गणेश जन्मोत्सव के दिन कौन सा नृत्य किया जाता है ? व गणेश जन्मोत्सव के व्रत का महत्व

गणेश जन्मोत्सव किस दिन मनाया जाता है ?
गणेश जन्मोत्सव हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है तथा इस दिन भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाया जाता है।
गणेश जन्मोत्सव का पर्व संपूर्ण भारत के अंदर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है यह पर्व विशेष रूप से राजस्थान के रणथंबोर जिले में स्थित गणेश मंदिर जिसे की त्रिनेत्र गणेश मंदिर के नाम से भी जाना जाता है उसमें मनाया जाता है।
भगवान गणेश के जन्मोत्सव के दिन राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में छमछड़ी नृत्य किया जाता है तथा भारत के गुजरात राज्य में इस दिन गरबे का आयोजन भी किया जाता है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु, चेन्नई इत्यादि स्थानों पर इस दिन अलग-अलग नृत्य किए जाते हैं।
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गणेश जन्मोत्सव के व्रत का विशेष महत्व होता है इस दिन का व्रत करने वाले जातकों को बहुत ही अच्छा फल मिलता है। गणेश जन्मोत्सव के उपरांत व्रत करने का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस दिन जो भी जातक व्रत करते हैं उनके सभी कार्य सफल होते हैं।
गणेश जन्मोत्सव का व्रत करने का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि कोई भी जातक गणेश जन्मोत्सव के दिन व्रत धारण करता है तो उस व्यक्ति के सभी रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं क्योंकि भगवान गणेश को सभी कार्यों को सफल करने के लिए सर्वप्रथम पूजा जाता है।
हिंदू धर्म में शादी विवाह है तथा कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने से पूर्व भगवान गणेश की आराधना की जाती है इसलिए गणेश जन्मोत्सव के दिन गणेश जी का व्रत करने से भी सभी प्रकार के शुभ कार्य संपन्न होते हैं और कार्यों में किसी भी प्रकार की कोई भी बाधा तथा अड़चन नहीं आती है।
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गणेश जन्मोत्सव का पर्व संपूर्ण भारत में ही मनाया जाता है अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह से इस पर्व को मनाया जाता है प्राचीन काल से ही गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाने की परंपरा सनातन धर्म में रही है।