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डिग्गी कल्याण जी का मेला कब और कहां लगता है | Diggi Kalyann Ji Ka Mela

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डिग्गी कल्याण जी का मेला कब और कहां लगता है | Diggi Kalyann Ji Ka Mela

डिग्गी कल्याण जी का मेला कब और कहां लगता हैै

कल्याण जी का मेला श्रावण माह में राजस्थान के टोंक जिले में लगता है। इस मेले में राजस्थान व इसके आसपास के राज्यों से लाखों श्रद्धालु आते हैं।

डिग्गी कल्याण जी का मेला कब लगता है

डिग्गी कल्याण जी का मेला हिंदू कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को लगता है।

डिग्गी कल्याण जी का मेला कहां लगता है

कल्याण जी का मेला राजस्थान के टोंक जिले के मालपुरा तहसील में आयोजित होता है।

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 डिग्गी कल्याण जी का मेला कब लगेगा 2023

वर्ष 2023 में कल्याण जी का मेला 27 अगस्त रविवार के दिन राजस्थान के टोंक जिले में लगेगा।

डिग्गी कल्याण जी के मेले की विशेषताएं

सांप्रदायिक सद्भावना इन के मेले की प्रमुख विशेषता है। इनके मेले के दौरान इनके मंदिर के पास बने तालाब सुंदरता देखना भी मुख्य विशेषता है। कल्याण धणी के भक्तों द्वारा यहां पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था करना भी इनके मेले की एक प्रमुख विशेषता है।

डिग्गी कल्याण जी के मेले का आकर्षण का केंद्र

कल्याण धणी के मेले का मुख्य आकर्षण का केंद्र इनके भक्तों के द्वारा वर्गाकार गहरा बनाकर किया जाने वाला नृत्य है। इसके अलावा इन के मेले की प्रमुख विशेषता सांप्रदायिक सद्भावना है इन के मेले में सभी जातियों तथा समाज के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते है।

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डिग्गी कल्याण जी के मेले का मुख्य वाद्य यंत्र

इनके मेले का मुख्य वाद्य यंत्र नौबत है। नोबत एक अति प्राचीन वाद्य यंत्र है जो प्राचीन समय में राजा महाराजाओं के द्वारा युद्ध की सूचना देने के लिए तथा मंदिरों में आरती के समय इस वाद्य यंत्र को जोर-शोर से बजाया जाता था। इसी बजाने के लिए प्रयुक्त होने वाले डंडे को नगाड़ा कहा जाता है।

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डिग्गी कल्याण जी को किस-किस नाम से जाना जाता है

इनको कल्हण पीर , टोंक का धणी , कुष्ठ रोगों का निवारण , पुत्रों का दाता आदि उपनाम से जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इनके दर्शन करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है तथा उनके जीवन में किसी भी प्रकार की कोई भी शारीरिक बाधाएं उत्पन्न नहीं होती है।

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