दस मुखी रुद्राक्ष धारण विधि , 10 Mukhi Rudraksha Dharan Vidhi
आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे दस मुखी रुद्राक्ष धारण विधि , 10 Mukhi Rudraksha Dharan Vidhi तथा 10 मुखी रुद्राक्ष कब धारण करना चाहिए से संबंधित जानकारी।

दस मुखी रुद्राक्ष धारण विधि , 10 Mukhi Rudraksha Dharan Vidhi
ज्योतिष शास्त्र में 10 मुखी रुद्राक्ष को भगवान नारायण यानी कि स्वयं विष्णु का स्वरूप माना जाता है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस रुद्राक्ष को धारण करने वाला अकेला व्यक्ति सैकड़ों व्यक्तियों के भोजन की व्यवस्था कर सकता है।
क्योंकि 10 मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले जातक के जीवन में कभी भी अन्न की कमी नहीं आती है और सदैव उसके पास अपार धन होता है।
10 मुखी रुद्राक्ष धारण करने से पूर्व ओम नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए तथा रुद्राक्ष को पंचामृत से शुद्ध करना चाहिए। पंचामृत से शुद्ध करने के बाद में 10 मुखी रुद्राक्ष को गंगाजल से पवित्र करना चाहिए।
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10 मुखी रुद्राक्ष को पवित्र करने के बाद में भगवान शिव तथा भगवान विष्णु यानी कि जनार्दन का ध्यान करना चाहिए और अपनी मनोकामनाएं उनके समक्ष रखनी चाहिए।
इसके बाद 10 मुखी रुद्राक्ष को उत्तर दिशा की ओर मुंह करके अपने गले में धारण करना चाहिए और ईश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए कि हे! ईश्वर हमारी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो तथा मेरे जीवन में आ रही बाधाएं दूर हो।
10 मुखी रुद्राक्ष को यदि आप इस विधि के द्वारा धारण करते हैं तो निश्चित ही आपको इस रुद्राक्ष के चमत्कारी फायदे देखने को मिलेंगे और आपके जीवन में आ रही बाधाएं भी दूर होगी।
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10 मुखी रुद्राक्ष कब धारण करना चाहिए
10 मुखी रुद्राक्ष को भगवान विष्णु की जयंती यानी कि जन्मोत्सव के दिन धारण करना सर्वोत्तम होता है इसके अतिरिक्त इस रुद्राक्ष को यदि कोई जातक महाशिवरात्रि और सोमवार के दिन धारण करता है तो उस जातक के भी अच्छे दिन आते हैं।


