ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण विधि | 11 Mukhi Rudraksha Dharan Vidhi
इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण विधि | 11 Mukhi Rudraksha Dharan Vidhi तथा 11 मुखी रुद्राक्ष कब धारण करना चाहिए से संबंधित जानकारी।

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण विधि | 11 Mukhi Rudraksha Dharan Vidhi
भगवान शिव के 11 रूद्रों के प्रतीक 11 मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से पूर्व घी, दूध, दही, शहद, शक्कर तथा गंगाजल से पवित्र कर लेना चाहिए।
रुद्राक्ष को धारण करने से पूर्व भगवान हनुमान तथा शिव की आराधना करनी चाहिए क्योंकि इन दोनों की आराधना करने से इस रुद्राक्ष का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है।
जिन जातकों को लंबे समय से संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है यदि ऐसे जातक 11 मुखी रुद्राक्ष धारण करते हैं तो उनके जीवन में शीघ्र ही संतान प्राप्ति के योग बनते हैं।
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11 मुखी रुद्राक्ष को किसी भी जाती अथवा वर्ग का व्यक्ति धारण कर सकता है। यह रुद्राक्ष हर व्यक्ति पर अपना प्रभाव छोड़ता है। 11 मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से पूर्व ब्राह्मण से अभिमंत्रित करवाना चाहिए तथा इसके बाद से सोमवार, शुक्रवार अन्यथा एकादशी के दिन धारण करना चाहिए।
11 मुखी रुद्राक्ष धारण करते हैं समय धारण करने वाले जातक का मुंह उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए तथा इस दौरान उस जातक को भगवान हनुमान तथा भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए।
सभी प्रकार के कष्टों के निवारण 11 मुखी रुद्राक्ष का चमत्कारिक फायदा सर्वाधिक इस रुद्राक्ष को एकादशी के दिन पहनने से होता है एकादशी के दिन इस रुद्राक्ष को धारण करने वाले जातकों के जीवन में कभी भी अन्न धन की कमी नहीं होती है।
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11 मुखी रुद्राक्ष धारण करते समय ओम हनुमते नमः तथा ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए ऐसा करने से इस रुद्राक्ष का प्रभाव और अधिक बढ़ता है।


