बाड़मेर कांग्रेस में जाट वर्सेज गैर जाट राजनीति तेज
राजस्थान के बाड़मेर जिले की कांग्रेस पार्टी में 2023 की विधानसभा चुनाव के बाद जाट वर्सेज गैर जाट की राजनीति शुरू हो गई है, बाड़मेर विधानसभा सीट से मेवाराम जैन को कांग्रेस पार्टी से अश्लील वीडियो सामने आने के बाद बाहर कर दिया गया था, मामला यहां तक तो शांत था लेकिन इसके बाद हरीश चौधरी ने मेवाराम जैन को कांग्रेस में वापस शामिल करने की बात पर कड़ी आपत्ति जताई।
लोकसभा चुनाव में हरीश चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका के चलते आरएलपी के नेता उम्मेदाराम बेनीवाल को कांग्रेस पार्टी जॉइन कार्रवाई एवं लोकसभा चुनाव में टिकट दिलवाकर कांग्रेस पार्टी ने चुनाव जीता।
इसके बाद कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के समय हरीश चौधरी के नजदीकी लक्ष्मण सिंह गोदारा को कांग्रेस पार्टी का बाड़मेर जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
इसके बाद गैर जाट नेताओं हरीश चौधरी और उम्मेदाराम बेनीवाल पर आरोप लगाया कि यह कांग्रेस पार्टी में दूसरे लोगों को आगे नहीं आने देना चाहते है और हरीश चौधरी ने कांग्रेस पार्टी में लोकसभा चुनाव में मुस्लिम और मेघवाल समाज के वोट लेने के लिए तत्काल प्रभाव से जिला अध्यक्ष इन वर्गों से नियुक्त करवाए।
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लेकिन अब चुनाव नहीं है तो कांग्रेस पार्टी में जाट को जिला अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है, राजस्थान कांग्रेस कमेटी के सदस्य ठाकराराम माली के जन्मदिन के पोस्ट को लेकर भी जिला अध्यक्ष एवं पीसीसी सदस्य के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे।




