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नवचंडी हवन मुहूर्त कब है ? नवचंडी पूजा महत्व

नवचंडी हवन मुहूर्त कब है ? नवचंडी पूजा महत्व

नवचंडी शक्ति का ही एक अंग है देवी के नौ रूपों का स्वरूप है नव चंडी देवी की शक्ति है। नवचंडी का पूजन किया किया के रूप में होता है इंसान के साथ में नव दुर्गा पूजा होती है इस पूजा को विरोधियों को परास्त करने के लिए

पू 3Dजा किसे प्राप्त को साधना की परिभाषा तक पहुंचाने के लिए अत्यंत प्रभावी होता है।

नवचंडी पूजा कई कारणों से की जा सकती है लेकिन इसमें सबसे महत्वपूर्ण कारण है कि इस पूजा से विरोधियों यानी कि दुश्मनों के नाश में यह पूजा सहायक होती है किसी मामले में अगर विरोधी काम पूरा नहीं करने देते हैं तो इस पूजा से काम पूरे होते हैं।

नवचंड पूजा में भगवान श्री गणेश ‍‍‍, भगवान शिव  , नवग्रह एवं नव दुर्गा की पूजा होती हैं।

नवचंडी पूजा अनुष्ठान के दौरान देवी के नौ रूपों का पूजन होता है नवरात्रि के दौरान नवचंडी पूजा की जाती है , शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी , चंद्रघंटा, स्कंदमता,  कालरात्रि इत्यादि सप्तशती का पाठ किया जाता है , जो कि की विजय के प्रतीक होते हैं।

नवचंडी यज्ञ अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए बेहतरीन मौका होता है एवं इस दौरान स्वास्थ्य , धन व वैभव आदि की चाहत के लिए भी इसका यज्ञ किया जाता हैं।

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इस यज्ञ को समर्पित करने से मानव जीवन भर के सफलता प्राप्त करता है,  गृह प्रवेश के बाद घर में असली प्रवेश से पहले वास्तु भगवान की पूजा होती हैं , जातक ग्रहों के घातक प्रभाव को खत्म करने के लिए एवं योग शांतिपूर्ण वातावरण बनाने के लिए हवन किया जाता हैं।

Disclaimer – Gaanv Khabar टीम द्वारा लिखी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों एवं माध्यमों से प्राप्त की गई है , कृपया उपयोग में लेने से पहले अपने स्तर पर जांच जरूर कर लें, अन्यथा किसी प्रकार के नुकसान के लिए हमारी टीम जिम्मेदार नहीं होगी।

 

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