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वास्तु के अनुसार टॉयलेट और बाथरूम की सही दिशा

वास्तु के अनुसार टॉयलेट और बाथरूम की सही दिशा

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वास्तु के अनुसार टॉयलेट और बाथरूम की सही दिशा
वास्तु के अनुसार टॉयलेट और बाथरूम की सही दिशा

वास्तु के अनुकूल बनाकर हमेशा खुशियों का आशियाना होता है तथा वस्तु की कमी घर के सदस्यों के लिए परेशानी का कारण भी बन सकती है इसलिए घर बनाते समय वास्तु का विशेष ध्यान रखना सबसे ज्यादा तथा महत्वपूर्ण जरूरी होता है। अनेक बार लोग वास्तु के अनुसार घर बनाते तो है लेकिन एक कोना हमेशा अछूता रह जाता है, जो है बाथरूम। अगर बाथरूम को भी वस्तु के अनुसार बनाए जाए तो वह भी घर के लिए सकारात्मक ऊर्जा लाने का काम करता है।

जानिए वास्तु के अनुसार टॉयलेट और बाथरूम की सही दिशा

वास्तु के अनुसार टॉयलेट किस दिशा में बनाएं

वास्तु के अनुसार टॉयलेट हमेशा घर में उत्तर दिशा में होना चाहिए। इन दक्षिण भारत दक्षिण पूर्व के अलावा किसी भी जगह पर टॉयलेट रखा जा सकता है।

ध्यान रहे यदि टॉयलेट दक्षिण पूर्व दिशा की ओर स्थित है तथा इसे वहां से हटाया नहीं जाए तो वहां की दीवार पर जामुनी रंग की गोल आकृति डागी जा सकती है। जामुनी रंग धन बढ़ाने की शक्ति का प्रवाह करता है और इसकी गोलाकार आकृति धन के गोलाकार रूप में घूमने की सूचक है।

वास्तु के अनुसार बाथरूम किस दिशा में बनाएं

वास्तु के अनुसार बाथरूम बनाने के लिए श्रेष्ठ दिशा उत्तर दिशा को माना गया है लेकिन ध्यान रहे बाथरूम हमेशा ऐसी जगह पर बनाना चाहिए जहां से पानी घर से बाहर की और वह कर निकलता हो क्योंकि पानी धन का प्रतीक होता है इसलिए बाथरूम को किचन, स्टोर तथा पैसे रखने के कमरे के नजदीक नहीं बनाना चाहिए।

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बाथरूम की सजावट कैसे करें

बाथरूम की सजावट करते समय सदैव सफेद तथा हल्के रंगों का उपयोग करना चाहिए। बाथरूम के कुछ हिस्सों को उबारने के लिए गहरे रंगों का उपयोग किया जा सकता है। टॉयलेट शिव कथा वाश बेसिन एक रंग के लगानी चाहिए पर्दे की जगह चेक का प्रयोग करना सही रहता है यह चिक वाटर प्रूफ होना चाहिए ताकि यह बाप हुए पानी द्वारा कपड़े को खराब नहीं करें।

बाथरूम में नहाने का फव्वारा कहां लगाएं

बाथरूम मैं नहाने का फव्वारा कभी भी खिड़की के नीचे नहीं होना चाहिए और यहां से नहाते हुए आपको दरवाजे का दृश्य साफ दिखाई देना चाहिए। अगर आपके घर में खिड़की के नीचे है तो खिड़की के सामने शीशा टांगा जा सकता है ताकि खिड़की से आ रही प्राकृतिक रोशनी शीशे से टकराकर पूरे बाथरूम में फैल सके।

नहाने का टब आयताकार गोलाकार अन्यथा अंडाकार होना चाहिए इसे उत्तरी दिशा में बनाना चाहिए जहां से धन का प्रवाह होता है अन्यथा दक्षिण पूर्व में भी बनाना धन के लिए लाभप्रद है। साथ ही ध्यान रहे नहाने का फव्वारा दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए क्योंकि यह दिशा अग्नि तत्व द्वारा प्रभावित होती है।

बाथरूम में पौधे किस दिशा में लगाने चाहिए

पौधे बाथरूम निजी वक्ता लाने का सबसे अच्छा माध्यम होते हैं परंतु इनका चुनाव भी सही तरीके से करना जरूरी होता है बाथरूम गरम कमरा होता है और यार की हवा में नमी होती है इसलिए सूखे वातावरण की अपेक्षा नमी वाले वातावरण के पौधे का इस्तेमाल किया जाना चाहिए यदि आप अपने अंदर उत्साह विज्ञान भर्ती करना चाहते हैं तो पौधों को उत्तर पूर्व की ओर रखना चाहिए यदि जिंदगी में आशावाद का संचार करना चाहते हैं तो पूर्व की ओर रखें।

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