खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा को विधायक पद से हटा दिया जाएगा ?
जैसा कि आपको पता होगा कि दैनिक भास्कर न्यूज़पेपर के एक स्टिंग ऑपरेशन में एक भारतीय जनता पार्टी एक कांग्रेस व एक निर्दलीय विधायक ने विधायक निधि के पैसों में कमीशन मांगा था।
पत्रकारों ने कमिशन को लेकर बातचीत को मोबाइल में रिकॉर्ड कर दिया था और अब इस ऑपरेशन का खुलासा किया है। लेकिन आप सभी लोगों के मन में एक ही सवाल है कि क्या खींवसर के विधायक की विधायकी चली जाएगी या इस ऑपरेशन से विधायकों पर कोई असर नहीं होगा ?
इसी 2025 में भारत आदिवासी पार्टी के एक विधायक ने विधानसभा में सवाल ना पूछने के ऐवज में पैसों की मांग की थी ।
हालांकि उसकी कार्रवाई एसीबी ने की थी इसलिए भी उस विधायक को तुरंत गिरफ्तार कर दिया गया था और अब मामला यह है कि एक न्यूज़ पेपर के पत्रकार इस खबर को प्रकाशित करते हैं और अब विधानसभा अध्यक्ष एक जांच कमेटी का गठन करते हैं लेकिन अब इस जांच कमेटी का रिपोर्ट क्या होगी इसको लेकर भी लोग अलग-अलग बात बना रहे हैं।
राजनीति के जानकार बताते हैं की जांच कमेटी बैठना और पार्टी की तरफ से तीन दिन में भाजपा की विधायक रेवंतराम डांगा से जवाब मांगना, 10 दिन के भीतर कांग्रेस की हिंडोली विधायक को पार्टी को जवाब देना है लेकिन जानकारी बता रहे हैं कि दोनों पार्टियों में से कांग्रेस विधायक को निष्कासित करके राजस्थान में कुछ बड़ा हासिल नहीं कर पाएगी लेकिन अगर भाजपा अपने विधायक डांगा को अगर विधायक पद से निष्कासित करती है तो भाजपा सत्ता में होते हुए एक अच्छा मैसेज देगी और जनता में भी इसको लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी का प्रयोग बताएगी।
भारतीय जनता पार्टी को एक विधायक के कारण मत में भी कोई खास फर्क पड़ने वाला नहीं है और सरकार अल्पमत में नहीं जाने वाली है ऐसे में सरकार यह भी कदम उठा सकती है कि क्यों कि सिर्फ विधायक का को पद से हटाकर जनता के बीच में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा मैसेज देगी।
अगर विधायक जयकृष्ण पटेल की तरह रेवंतराम डांगा को पद निष्कासित कर दिया जाता है तो यह बड़ा फैसला होगा। क्योंकि इससे पहले राजस्थान में कांग्रेस की सरकार के समय बड़ी संख्या में सरकारी भर्तियों के पेपर लीक हुए थे और भारतीय जनता पार्टी का वादा था कि भ्रष्टाचार को खत्म किया जाएगा अब भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए एक विधायक की विधायकी खत्म करना भी जरूरी देखा जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि खींवसर में ऊंट किस करवट बैठता है और पिछले साल के उपचुनाव में जीतने वाले डांगा 5 साल पूरे कर पाएंगे या 2 साल के भीतरीयों ने पद छोड़ देना होगा।




